Bajrang Baan • Hanuman cluster

बजरंग बाण

बजरंग बाण संकट-निवारण हेतु परम्परागत प्रार्थना है — शांत मन, शुद्ध उच्चारण और श्रद्धा से पाठ किया जाता है।

Bajrang Baan is traditionally recited for courage and removal of obstacles — with calm mind and respectful intent.

पाठ • हिंदी (संक्षिप्त पूर्वावलोकन)

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥

जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥

जन के काज बिलंब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥

जैसे कूदि सिंधु महि पारा। सुरसा बदन पैठि बिस्तारा॥

आगे जाय लंकिनी रोका। मारेहु लात गई सुरलोका॥

पूरा पाठ जल्द — यही पठन-टेम्प्लेट, Hinglish/अर्थ/PDF/audio सहित।

पठन सुझाव

शांत स्थान, शुद्ध उच्चारण, जल्दबाजी नहीं। परम्परा में मंगल/शनि को विशेष — पर आप किसी भी शांत समय में पढ़ सकते हैं।

हनुमान चालीसा →संकट मोचन →